Vijay Kumar
पटरियों की सीटी से खाकी के रौब तक : अदम्य जिजीविषा का नाम 'उपेंद्रनाथ वर्मा'
लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 28अक्टूबर 2026, औरंगाबाद (बिहार) : जब संसाधन सीमित हों और सपने असीमित, तब इंसान के पास केवल दो रास्ते बचते हैं—या तो परिस्थितियों...
कर्तव्य पथ पर सर्वस्व अर्पण: खाकी के अमर प्रहरियों को राष्ट्र का नमन, "शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 21 अक्टूबर 2026, गयाजी : प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर का दिन भारतीय जनमानस को उन वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश...
"अहंकार के दहन से सामाजिक चेतना के जागरण तक"
गांधी मैदान में जला रावण, लेकिन समाज के भीतर बैठे दस सिर वाले रावण का अंत कब होगा? विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार 20 अक्टूबर 2026 गयाजी : गयाजी की ऐतिहासिक और मोक्षदायिन...
'चरित्र हनन' की पीत पत्रकारिता और चुप्पी का सामंती पाखंड : माफ़ी का आडंबर और अनियंत्रित डिजिटल संवेदनहीनता,
लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 20अक्टूबर 2026, गयाजी : आधुनिक डिजिटल मीडिया के एक बड़े हिस्से में टीआरपी, व्यूज और राजनीतिक प्रतिशोध के लिए बुनियादी पत्रकारिता म...
वर्दी पर कालिख: जब रक्षक ही बना भक्षक, बक्सर में 50 हजारी दारोगा पर निगरानी का करारा वार,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 17 अक्टूबर 2026, पटना : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' के दावों के बीच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर वर्दी के उस चेहरे...
जब खाकी बनती है जनता का संबल : जनसुनवाई में उमड़ी उम्मीदें, "न्याय की चौखट पर विश्वास की दस्तक"
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 15 अक्टूबर 2026, गयाजी : लोकतंत्र में पुलिस और प्रशासन की वास्तविक सार्थकता इस बात में है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज कितनी सं...
आस्था के महापर्व पर सतर्क प्रशासन की चाक-चौबंद ढाल: गया जी में जमीन पर उतरी सुरक्षा नीति,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 18 अक्टूबर 2026, गयाजी : दुर्गा पूजा, विजयादशमी और मूर्ति विसर्जन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि यह लाखों की भीड़, जनआस्था और सामाजि...
मां का वो आखिरी कॉल... और जिंदगी भर का अधूरा इंतजार!
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार पटना : जीवन का सबसे बड़ा सत्य यही है कि संसार की हर चीज़ दोबारा मिल सकती है, रिश्ते नए सिरे से गढ़े जा सकते हैं, लेकिन जिस चौखट से मां की मम...
"मोक्षधाम गयाजी में सुशासन, आस्था और तकनीक का ऐतिहासिक महासंगम "
51 लाख श्रद्धालुओं का विश्वास, चाक-चौबंद प्रशासनिक तंत्र और आधुनिक तकनीक ने पितृपक्ष मेला-2026 को बनाया स्वर्णिम अध्याय, विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : सदियों...
बोधगया से उठी हुंकार: 'बाल विवाह का अंत और बेटियों के अधिकारों पर निवेश' केवल नारा नहीं, भविष्य की नींव।
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 11 अक्टूबर 2026, गया जी : जब समाज की आधी आबादी को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर मिलते हैं, तब केवल एक परिवार नहीं बल्कि पूरी सभ्यता सशक्त ह...
बदलते बिहार की नई हुंकार: खेल के मैदान से ‘नव-बिहार’ का सामाजिक शंखनाद!
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 11 अक्टूबर 2026, बख्तियारपुर (पटना) : जाति, संप्रदाय और राजनीतिक खेमेबाजी की पारंपरिक सीमाओं से जूझते बिहार में बख्तियारपुर की धरती ने एक...
"गयाजी में आस्था का महाकुंभ और सुशासन का आधुनिक प्रतिमान"
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : गयाजी की मोक्षदायिनी भूमि पर श्रद्धा का ऐसा ज्वार उमड़ा है, जहां परंपरा और आधुनिक प्रबंधन मिलकर सुशासन का नया अध्याय लिख रहे हैं। पित...
जमीनी न्याय के प्रहरियों की बदहाली: 19 साल की सेवा और 7 हजार का 'न्याय'!
लेखक : विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार 8अक्टूबर 2026, पटना : लोकतंत्र की बुनियाद अगर ग्रामीण भारत की चौपालों पर टिकी है, तो उस चौपाल को कानूनी ताकत देने वाली इकाई ‘ग्राम कच...
जनता दरबार — केवल औपचारिकता या जवाबदेह सुशासन का आईना? फाइलों की धूल झाड़ती जनता की गुहार: जब 'हाकिम' के सामने उतरी व्
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गया जी: लोकतंत्र की आत्मा इस बात में बसती है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज़ सत्ता के शीर्ष गलियारों में कितनी जल्दी और कितनी संजी...
"जिंदगी के सौदागरों पर शेरघाटी में चला कानून का बुलडोजर"
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार शेरघाटी (गया): सफेद कोट और सजे-धजे बोर्ड की आड़ में जब मानवीय जीवन को केवल मुनाफे का जरिया बना दिया जाए, तब प्रशासन का मौन रहना अपराध बन जात...
नोटिस का ‘खेल’ और घूसखोरी का जाल: बेगूसराय में निगरानी की चोट,
लेखक: विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार 6अक्टूबर 2026, पटना / बेगूसराय : सरकारी तंत्र में जब नियमों का डर दिखाकर जनता को दोहन का जरिया बना लिया जाए, तो वह व्यवस्था लोक कल्याण...
खाकी पर 'काले कोयले' की कालिख: आमस कांड और कानून के रखवालों की साख पर सवाल,
लेखक: विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 6अक्टूबर 2026 गयाजी : राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात के अंधेरे में क्या चलता है, यह किसी से छिपा नहीं है, लेकिन जब कानून के रखवाले ही...
जनता दरबार या न्याय का दरवाजा? फरियाद सुनना पहला कदम, समाधान तक पहुँचाना पुलिस प्रशासन की असली परीक्षा,
लेखक: विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 06 अक्टूबर 2026 गयाजी : लोकतंत्र में जनता दरबार केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं होता। यह उस व्यवस्था की परीक्षा होती है, जिसके हाथ म...
सूखे मगध की तकदीर बदलने की दहलीज: सोन, सुरहर और मोरहर के मिलन से 'सदा नीरा' बनेगी अंतः सलिला फल्गु ,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 6अक्टूबर 2026, गयाजी : दक्षिण बिहार नदी जोड़ो संघर्ष मोर्चा ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को सौंपा 38 किमी नहर का रोडमैप; जल संसाधन...
'सॉवरेन गारंटी' का सुरक्षा कवच: एलआईसी की विश्वसनीयता और भारतीय वित्तीय व्यवस्था का आधारस्तंभ,
लेखक: विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : भारत के वित्तीय परिदृश्य में विश्वास का दूसरा नाम ‘भारतीय जीवन बीमा निगम’ (LIC) बन चुका है। दशकों से आम भारतीय नागरिक की बचत...
आस्था, आधुनिकता और आत्मनिर्भरता का संगम: 162वें वर्ष में 'गया जी' का नया संकल्प,
गया जी की 162 वर्षों की प्रशासनिक यात्रा और सदियों पुरानी आध्यात्मिक चेतना अब आधुनिक विकास के नए क्षितिज की ओर अग्रसर है। विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 3अक्टूबर 2026,...
धम्म चेतना से सामाजिक पुनर्जागरण: हरदवन में बुद्ध विहार निर्माण और पंचशील का शंखनाद,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 3अक्टूबर 2026, डोभी (गया) : सभ्यता और संस्कृति के इतिहास में वही समाज जीवित और सशक्त रहता है, जो अपनी जड़ों, वैज्ञानिक चेतना और मानवीय मूल...
लालबत्ती का मोह नहीं, लोकसेवा का जुनून: FCI की नौकरी ठुकराकर IAS बनने वाले जतिन कुमार की संघर्ष-गाथा,
लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 3अक्टूबर 2026, शेरघाटी (गया) : भारत के ग्रामीण और कस्बाई परिवेश में सरकारी नौकरी केवल आजीविका का साधन नहीं होती; यह पूरे परिवार के...
"कलम के दो सिपाही रुखसत, मगर उनकी बेबाक आवाज हमेशा गूंजती रहेगी" जब थम गई जनसरोकार की स्याही:
लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 2 अक्टूबर 2026, गयाजी / गयाजी की पावन और ऐतिहासिक धरती के गांधी मंडप में पसरा सन्नाटा किसी सामान्य शोक का नहीं, बल्कि उस पीड़ा का परि...
आस्था के महाकुंभ पर शातिरों की नजर और ‘एआई’ का अचूक वार, आस्था के महासंगम में ‘आधुनिक सर्विलांस’ की विजय,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 2अक्टूबर 2026, गयाजी : मोक्षधाम गयाजी में जब लाखों श्रद्धालु अपने पूर्वजों के उद्धार और मोक्ष की कामना लिए तर्पण और पिंडदान में लीन थे, ठ...
जब रोहतास लौटा ‘खाकी का गौरव’: मगध आईजी विकास वैभव का नासरीगंज में आत्मीय अभिनंदन,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार रोहतास / नासरीगंज : बिहार पुलिस के सबसे चर्चित और जनप्रिय अधिकारियों में शुमार आईपीएस विकास वैभव जब मगध रेंज के आईजी का दायित्व संभालने के ब...
जब अदालत ने लौटाया मासूमियत पर भरोसा: “अब बेटा, अपनी जिंदगी जियो, हंसो और सपने देखो”
लेखक : विजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार दिल्ली : भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में ऐसे क्षण विरले ही आते हैं, जब कानून की मोटी किताबों और धाराओं के सख्त पहरे के भीतर से एक ऐसी...
मंदार पर्वत पर अस्मत पर हमला: पर्यटन के नाम पर सन्नाटा और गुंडों की 'डिजिटल लिंचिंग' कब तक?
लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार, पटना : बिहार की पौराणिक धरती बांका का मंदार पर्वत, जिसे समुद्र मंथन की साक्षी और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक माना जाता है, वहां कानून औ...
खाकी की छांव में खिलती प्रकृति: ब्रह्मयोनि की गोद में हरियाली का संकल्प और जन-चेतना का शंखनाद,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : गया की ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर ‘ब्रह्मयोनि पहाड़ी’ ने सदियों से त्याग, साधना और इतिहास के उत्थान-पतन देखे हैं। आज उसी पावन धरा प...
" बिहार कोकिला पद्म विभूषण शारदा सिन्हा की 74वीं जयंती पर शत-शत नमन"
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 1 अक्टूबर 2026, गयाजी : बिहार की पावन धरती ने समय-समय पर ऐसी विभूतियों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपनी साधना से लोक-संस्कृति को अमरता प्रदान...
"जब दो चौके और एक छक्के ने ढहा दी छुआछूत की दीवार"
लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 1 अक्टूबर 2026, गयाजी : गया के राजकीय सम्मानित शिक्षक वीरेंद्र कुमार का वह मूक खेल-सत्याग्रह, जिसने एक बच्चे को ज़मीन से उठाकर सम्मा...
पिंडदान के बाद 'सियासी तर्पण': गयाजी की वेदी से कांग्रेस पर वार, पर सवालों का जवाब कौन देगा?
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : गयाजी की पावन और मोक्षदायिनी भूमि पर जब कोई राजनेता अपने पुरखों को तर्पण देने पहुंचता है, तो परंपरा यही कहती है कि मन-मस्तिष्क में...
मोक्षधाम गयाजी में आस्था का महाकुंभ: परंपरा, तकनीक और प्रबंधन का ऐतिहासिक संगम,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : पितृपक्ष महासंगम 2026 महज़ पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का वार्षिक अनुष्ठान नहीं रह गया है, बल्कि यह सनातन परंपरा और 21वीं...
जमा पूंजी का संचय बनाम ऋण का संकट: क्या बैंकों की सुस्तीसे रुकेगा औरंगाबाद का विकास पहिया?
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार औरंगाबाद : किसी भी विकासशील अर्थव्यवस्था में बैंक केवल बचत का तिजोरी-घर नहीं होते; वे आर्थिक गतिविधियों, उद्यमिता और जन-आकांक्षाओं को ऊर्जा...
दानापुर से बेगूसराय तक नोटों की सेज: जब 'सप्लाई' और 'रजिस्ट्री' का गठजोड़ बना भ्रष्टाचार का कॉरपोरेट मॉडल,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार , पटना : व्यवस्था के भीतर दीमक बनकर बैठे भ्रष्ट तंत्र का चेहरा जब भी बेनकाब होता है, तो वह केवल फाइलों का आंकड़ा भर नहीं होता, बल्कि आम जनत...
आस्था का महाकुंभ या व्यवस्था की अग्निपरीक्षा? गयाजी में एक ही दिन में 4.25 लाख का सैलाब, AI तकनीक बनी ढाल;
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी धाम (बिहार): मोक्षदायिनी फल्गु के तट और विष्णुपद के पावन प्रांगण में आस्था का ऐसा महासमुद्र उमड़ा है जिसने पिछले कई रिकॉर्ड ध्वस्त...
‘सन ऑफ पासवान’ की उपाधि — प्रतीक, सियासत और समाज की उम्मीदें, महुआ की धरती से उठी नई गूंज: क्या बिहार की वंचित राजनीति
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार महुआ : बिहार की राजनीति में उपाधियां सिर्फ शब्दों का जोड़ नहीं होतीं; वे सामाजिक चेतना, जन-आकांक्षा और राजनीतिक सत्ता संतुलन का बैरोमीटर ह...
लोकतंत्र की चौखट पर दहाड़: क्या ‘वोट चोरी’ से खतरे में है आम अवाम का जनादेश? शेरघाटी की सड़कों पर कांग्रेस का तीखा संग
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 28 सितंबर 2026, शेरघाटी (गया): जेपी चौक से हमजापुर तक गूंजा जनाक्रोश; राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर पूछा सवाल— यदि मतदाता ही सूची से गाय...
पितृपक्ष महासंगम: वेदियों पर प्रशासन का पहरा, आस्था और व्यवस्था का अद्भुत संगम,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 28सितम्बर 2026, गयाजी : मोक्ष और श्रद्धा की पावन धरा ‘गया जी’ में पितृपक्ष महासंगम 2026 इस समय अपने पूरे उत्कर्ष पर है। पूर्वजों के प्रति...
"संविधान, अनुशासन और सेवा कानून का स्पष्टीकरण" अनुच्छेद 311(1) की सीमा और प्रशासनिक संतुलन: सुप्रीम कोर्ट का नज़ीरी..
लेखक: विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार , दिल्ली : सर्वोच्च न्यायालय ने यूनियन ऑफ इंडिया बनाम रामधनी प्रसाद मामले में संविधान के अनुच्छेद 311(1) के व्यावहारिक और तकनीकी दायर...
आईजी की जनसुनवाई में जनता की आवाज— अब असली परीक्षा ‘सुनने’ की नहीं, न्यायपूर्ण कार्रवाई की है!
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 25 सितंबर 2026 गयाजी : जनता जब अपनी शिकायत लेकर पुलिस के किसी वरिष्ठ अधिकारी के दरवाजे तक पहुंचती है, तो वह केवल एक आवेदन लेकर नहीं आती। उ...
'पुष्प दान' से आगे 'स्वार्थ बलिदान' तक— "दिनकर के विचारों से मगध में नवजागरण की गूँज"
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार, गयाजी : जब प्रशासनिक कर्तव्यनिष्ठा और सांस्कृतिक चेतना का संगम एक मंच पर होता है, तब केवल प्रशासनिक आदेश जारी नहीं होते, बल्कि समाज में एक...
भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक: रिकॉर्ड की दहलीज पर निगरानी तंत्र, पर सवाल अब भी जिंदा!
भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक: रिकॉर्ड की दहलीज पर निगरानी तंत्र, पर सवाल अब भी जिंदा! विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार , 24सितम्बर 2026, पटना : बिहार की नौकरशाही और प्र...
आस्था का महाकुंभ और प्रशासनिक कसौटी: कागजी चाक-चौबंद व्यवस्था को धरातल पर उतारने की अग्निपरीक्षा,
विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार, गयाजी : सनातन धर्म की पौराणिक चेतना में ‘गया जी’ केवल एक भौगोलिक भू-भाग नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और मोक्ष प्राप्ति का सर्वोपर...
खाकी, संस्कृति और जनसंवाद का संगम, 'जन-पुलिसिंग' की नई परिभाषा: जब वर्दी बनी सामाजिक समरसता का संवाहक,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : लोकतंत्र और प्रशासन में वर्दी की पहचान प्रायः दंड, नियंत्रण और सीमाओं से बंधी मानी जाती रही है। परंतु जब एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी...
आस्था, आधुनिकता और आतिथ्य का संगम: गया जी की 'टेंट सिटी' ने तय किया सुशासन का नया पैमाना,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 23सितम्बर 2026, गयाजी : मोक्षदायिनी फल्गु के तट और भगवान विष्णु के चरणचिह्न समेटे गया जी की पावन धरा पर पितृपक्ष महामेला केवल एक धार्मिक आय...
सत्य की मुखर आवाज़ का मौन होना — देवव्रत मंडल जी को नमन!
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : गया की पत्रकारीय विरासत में जब भी निर्भीक, निष्पक्ष और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता का उल्लेख होगा, वरिष्ठ पत्रकार देवव्रत मंडल जी...
गया जी में पितृपक्ष महासंगम-2026 और सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार , गयाजी : विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष महासंगम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय सनातन परंपरा और वैश्विक आस्था का वह केंद्र बिंदु है जहां...
महिला आयोग के रजत जयंती मंच से सीएम सम्राट चौधरी के बड़े दावे — 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार, PhD फेलोशिप का ऐलान,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार पटना : शनिवार, 19 सितंबर 2026 को बिहार राज्य महिला आयोग ने अपनी 25वीं वर्षगांठ — रजत जयंती — बापू सभागार, गांधी मैदान, पटना में बड़े धूमधा...
गया सिविल कोर्ट के बाहर वकीलों का उबाल — हाईकोर्ट से आवंटित ज़मीन पर निर्माण रुकवाने के आरोप में सड़क जाम,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार, 19 सितम्बर 2026, गयाजी : गया शहर के सिविल कोर्ट परिसर के बाहर शनिवार शाम उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब जिला प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं...
पितृपक्ष महासंगम: जब गया जंक्शन पर प्रशासन और रेलवे ने संभाली आस्था के प्रवेश द्वार की कमान,
लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार, गयाजी : गयाजी केवल एक शहर नहीं है। यह करोड़ों लोगों की धार्मिक स्मृतियों, पितरों के प्रति आस्था और मोक्ष की कामना से जुड़ा तीर्थ...
5 साल का इंतज़ार, खाकी की पुरानी चूक और SIT का प्रहार: बेगूसराय के रिंकू कुमारी हत्याकांड में कैसे हुई न्याय की वापसी?
विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : न्याय की चक्की भले ही धीमी पीसती है, लेकिन जब वह पीसती है, तो सच के सारे रेशे खोल कर रख देती है। बेगूसराय के वीरपुर स्थित कस्त...
बड़ा फैसला : "पूरा काम तो पूरा वेतन क्यों नहीं?" — मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 70-80-90% वेतन कटौती फार्मूला किया अवैध घोषित
समानता के अधिकार की जीत: प्रोबेशन के नाम पर वेतन में भेदभाव असंवैधानिक — क्या बिहार के हज़ारों संविदा व पंचायत कर्मियों तक पहुंचेगी यह राहत? लेखक : विजय कुमार वरिष्ठ प...
पर्दाफाश : पटना हाईकोर्ट में विभाग ने खाई थी क़सम "किसी शिक्षक का वेतन नहीं रुकेगा", फिर शांति कुमारी के साथ क्यों हुआ?
विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार अदालती दस्तावेज़ से पुष्टि: 2022 में ही अपर मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट को दिया था लिखित भरोसा, चार साल बाद भी ज़मीन पर वही उदासीनता — सत्यमेव जय...
संवाद की चौखट पर कानून और कारोबार: शेरघाटी में सुरक्षा और विश्वास की नई पहल,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार शेरघाटी में आईजी विकास वैभव और प्रशासनिक अमले का खुला संवाद केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बिहार में भयमुक्त व्यापार और आर्थिक पुनर्जागरण की...
"मगध मेडिकल की बदहाल व्यवस्था पर DM का डंडा" छह मैनेजरों का वेतन रोका, 10 दिन की मोहलत—अब अस्पताल में व्यवस्था बदलेगी !
लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार मगध प्रमंडल की 50 लाख से अधिक की आबादी के लिए जीवनरेखा माना जाने वाला अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) आज खुद वें...
" ईंट का जवाब पत्थर से नहीं, आशियाने से दीजिए "
समझदारी प्रतिशोध में नहीं, प्रतिकूलता को निर्माण की ताकत में बदल देने में है। लेखक : विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार “समझदार इंसान वो नहीं होता जो ईंट का जवाब पत्थर से...
कंधों पर सितारे, दिल में देश: OTA गया से 253 युवा सैन्य तकनीकी अधिकारियों का स्वर्णिम आगाज,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : अनुशासन, शौर्य और तकनीकी श्रेष्ठता के संगम के बीच ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी (OTA), गया का प्रांगण शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्ष...
:साहब अवकाश पर, फरियादी कतार में: जनता दरबार के स्थगन पर कब मिलेगी वैकल्पिक न्याय व्यवस्था?
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, 05 सितंबर से 07 सितंबर 2026 तक IG साहब विक...
27 साल की तपस्या और न्याय की त्रासदी: "CRPF जवान से साधु बने गिरवर सिंह तोमर का सत्य"
27 साल की तपस्या और न्याय की त्रासदी: "CRPF जवान से साधु बने गिरवर सिंह तोमर का सत्य" लेखक : विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार "न्याय में देरी, न्याय का हनन है" (Justice...
दलित राजनीति के राष्ट्रीय मंच पर बिहार की दस्तक : लाल सिंह आर्य से शिवेश कुमार राम तक,
—भाजपा के SC मोर्चे की कमान और सामाजिक प्रतिनिधित्व की नई परीक्षा, लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार दिल्ली की राजनीति में कभी-कभी एक तस्वीर केवल तस्वीर नहीं होती...
आधुनिकता के मुखौटे में छिपा संस्थागत जातिवाद: सफदरजंग कांड और साक्षात्कार प्रणाली पर बड़ा सवाल,
विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : २१वीं सदी का भारत जब तकनीकी और आर्थिक ऊंचाइयों को छू रहा है, तब भी हमारे समाज में जातिवाद जैसी सामाजिक बीमारी पूरी तरह समाप्त नही...
अनुशासन भी, अंकुश भी: मगध रेंज में आईजी विकास वैभव की दोहरी मुहिम,
एक तरफ लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गाज, दूसरी तरफ अपराधियों को सीधी चेतावनी — "अपराधी छोड़ो या मगध छोड़ो " विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 3 सितम्बर 2026, गया : जिले से...
शिक्षा के मंदिर में 'उगाही' और 'लापरवाही' पर सख्त प्रहार: निलंबित हुई प्रभारी प्रधानाध्यापिका,
शिक्षा के मंदिर में 'उगाही' और 'लापरवाही' पर सख्त प्रहार: निलंबित हुई प्रभारी प्रधानाध्यापिका, विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गया : बिहार के गयाजी अंतर्गत डुमरिया प्...
वर्दी की आड़ में मनमानी पर आईजी का हंटर: जमीन विवाद में कड़ौना थानाध्यक्ष सस्पेंड, पुलिस महकमे में हड़कंप,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 2 सितम्बर 2026, गया : खाकी जब रक्षक के बजाय किसी एक पक्ष का मोहरा बनने लगे, तो कानून की साख पर सवाल उठना लाजिमी है। मगध रेंज (गया) के आ...
बिहार में नौकरशाही का दोहरा चेहरा: 'रिश्वतखोर' BDO की गिरफ्तारी और व्यवस्था का नंगा सच,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 1 सितम्बर 2026, पटना : बिहार में प्रशासनिक गलियारों से आने वाली खबरें अक्सर राज्य में सुशासन और भ्रष्टाचार के दावों की पोल खोलती रहती हैं।...
औरंगाबाद में कल फिर लगेगा "सहयोग शिविर": कागज़ों पर समाधान, ज़मीन पर सवाल? 1 सितंबर को जिले के 34 से अधिक पंचायतों में
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार औरंगाबाद : जिला प्रशासन, औरंगाबाद ने घोषणा की है कि 1 सितंबर 2026 को जिले के दस प्रखंडों—कुटुम्बा, औरंगाबाद, बारुण, देव, मदनपुर, रफीगंज,...
वसुधैव कुटुंबकम् का सजीव रूप: जब जर्मन नागरिक की कलाई पर सजा भारतीय रक्षा सूत्र,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार | बोधगया : भौगोलिक सीमाओं, धर्म और नस्ल की दीवार तोड़कर दिल जोड़ने का नाम ही सनातन संस्कृति है। इसका एक अद्भुत और जीवंत नजारा अंतर्राष...
रक्षाबंधन का वास्तविक संकल्प: सुरक्षा, सम्मान और समानता से ही समृद्ध होगा समाज - विकास वैभव,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : रक्षाबंधन केवल एक धागे का त्यौहार नहीं, बल्कि यह आपसी विश्वास, आत्मीयता और समाज में एक-दूसरे की रक्षा का पावन संकल्प है। रक्षा...
"नश्वर देह का त्याग और शाश्वत प्रकाश: पूज्य बड़े बाबूजी की अंतिम यात्रा एवं आध्यात्मिक विरासत"
आध्यात्मिक चेतना के एक स्वर्णिम युग का विराम: विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : 28 अगस्त 2026 की रात्रि का अंतिम प्रहर भारतीय गृहस्थ योग साधना और रामाश्रम सत्...
ढाई साल से अटकी नियुक्ति की राह: सुप्रीम कोर्ट ने 1,362 एएनएम अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का दिया निर्देश,
योग्यता जांच के लिए एक महीने में बनेगी दो-सदस्यीय समिति, अभ्यर्थी 7 से 12 सितंबर के बीच होंगे पेश — अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को, लेखक : विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार पटन...
सपनों का विकसित बिहार – जन-आंदोलन से शिक्षा क्रांति की नई भोर
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार (गया जी) : बिहार की पावन धारा केवल पौराणिक एवं ऐतिहासिक कथाओं का केंद्र नहीं रही, बल्कि यह वह वसुंधरा है जिसने सहस्राब्दियों पूर्व विश्व...
बोधगया पहुंची संसदीय स्थायी समिति: महाबोधि मंदिर में दर्शन, बोधि वृक्ष का अवलोकन; आईटीसी होटल में बिहार गौरव गान से सजी
सभापति संजय कुमार झा सहित सुधा मूर्ति व दर्जनों सांसद अध्ययन भ्रमण पर; डीएम शशांक शुभंकर ने किया स्वागत, विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार बोधगया : भारतीय संसद की परिवहन...
जनता दरबार का 'सिस्टम' लाचार: जब हाकिम ही नदारद हों, तो न्याय के लिए फरियादी किस चौखट पर माथा टेके?
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार शेरघाटी ((गयाजी) : सरकार का संकल्प था कि प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता आए, दूर-दराज से आने वाले आम नागरिकों की जमीनी और प्रशासनिक समस्या...
"पूर्व प्रेरणा करे पुकार, आओ मिलकर गढ़ें नव बिहार" युवा चेतना, ज्ञान-परंपरा और नव-बिहार के निर्माण का शंखनाद,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : बिहार की धरती ऐतिहासिक रूप से ज्ञान, दर्शन, तप और परिवर्तन की अग्रदूत रही है। मगध की इस पावन भूमि से जब भी कोई विचार जागृत होता है...
महादलित आयोग के सदस्य अजीत कुमार चौधरी ने गया नगर आयुक्त डॉ. गगन से की मुलाकात, कर्मियों की समस्याओं पर हुई चर्चा,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : बिहार राज्य महादलित आयोग के सदस्य अजीत कुमार चौधरी ने गया नगर निगम के नवपदस्थापित नगर आयुक्त डॉ. गगन (IAS) से शिष्टाचार मुलाकात की...
गयाजी के जनकल्याण संवाद में कृषि मंत्री के सामने ही बेनकाब हुआ महकमे का फर्जीवाड़ा,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी | 22 अगस्त 2026 गयाजी के हरिदास सेमिनरी में शनिवार को आयोजित 'कृषि जन कल्याण संवाद' कार्यक्रम में बिहार के कृषि मंत्री सह गया के प्रभ...
‘काव्यात्मक न्याय’: मुनाफाखोरी के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट की ऐतिहासिक चाबुक,
विजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार ठाणे/मुंबई: "जैसा बोओगे, वैसा काटोगे"—संस्कृत की यह पुरानी कहावत अब न्यायिक इतिहास का हिस्सा बन चुकी है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे स्थित ‘उ...
"अभियोजन निदेशालय ने "महिला न्याय" पर प्रशिक्षण कक्ष सजाया, तो शिक्षा निदेशालय ने एक शिक्षिका को बीस साल का वनवास दिया"
विजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार पटना : महिला शिक्षक शांति कुमारी की नियुक्ति विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर हुई विभागीय उच्चस्तरीय जांच में वैध पाई गई, फिर भी वेतन नहीं मि...
200 से अधिक फरियादी, एक जनता दरबार और जवाबदेही की असली परीक्षा,
जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : लेकिन क्या हर आवेदन को मिलेगा अंतिम न्याय? विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गया जी | 21 अगस्त 202...
सुरक्षा, सुविधा और सुशासन का महासंगम: गयाजी में पितृपक्ष मेला-2026 की ऐतिहासिक तैयारियाँ,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी। सनातन परंपरा में 'मोक्ष नगरी' गया जी का स्थान अत्यंत पवित्र और अद्वितीय है। यहाँ अपने पूर्वजों, पितरों के तर्पण और पिंडदान हेतु प्र...
मानपुर में अफसरशाही के खिलाफ जनाक्रोश का विस्फोट : भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच जनता का धरना,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी (मानपुर), 20 अगस्त 2026 | मानपुर में गुरुवार को अफसरशाही के खिलाफ जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। गुरुवार को मानपुर की सड़कों...
शिक्षा के मंदिर में भ्रष्टाचार का 'कुबेर धन' : बिहार ओपन स्कूलिंग के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह पर EOU का बड़ा शि
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 20 अगस्त 2026, पटना : बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें किस कदर गहरी जमा चुकी हैं, इसका एक और घिनौना और शर्मनाक नजारा तब देखने को मिला जब आर्थि...
महिला सुरक्षा की असली परीक्षा अदालत में: अभियोजन निदेशालय का प्रशिक्षण क्या बदल पाएगा न्याय का चेहरा?
लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार पटना : महिलाओं की सुरक्षा पर भाषण बहुत हुए, अभियान बहुत चले, कानून भी कम नहीं बने। लेकिन असली सवाल आज भी वही है—जब किसी महिला के सा...
एलआईसी गया-2 शाखा में उत्साह का माहौल: विंकटेश कुमार को मिला प्रतिष्ठित 'गैलेक्सी क्लब' सम्मान, अधिकारियों व सहकर्मियों
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शाखा गया-2 में व्यावसायिक श्रेष्ठता, निरंतर समर्पण और उत्कृष्ट सेवा का एक शानदार नज़ारा देखने को म...
बिहार के पुनर्जागरण की नींव: शिक्षा, समता और उद्यमिता से बदलती पूर्णिया की तस्वीर,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार पूर्णिमा : "किसी भी राज्य का वास्तविक विकास केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण से नहीं, बल्कि वहां के नागरिकों—विशेषकर महिलाओं—के स्वावलंबन स...
औरंगाबाद में जिला से टोला स्तर तक 650वीं जयंती की तैयारी: कलश यात्रा से जनसेवा शिविर तक—अब असली परीक्षा होगी कि संत के
लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार औरंगाबाद : संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर औरंगाबाद जिले में जिला मुख्यालय से लेकर पंचायत और टोला स्तर तक कार्यक्रम आयोजित करने...
नारी शक्ति के बिना अधूरा है विकसित बिहार का सपना: गार्गी उद्यमी सखी सावन महोत्सव का हुंकार,
विजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार पटना। बिहार की सांस्कृतिक समृद्धता, ऐतिहासिक चेतना और स्वर्णिम भविष्य का चौराहा आज इस बात पर टिका है कि राज्य अपनी आधी आबादी को कितना सक्षम,...
दावों के जाल में उलझता बिहार का 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल'
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार पटना : बिहार की शिक्षा व्यवस्था में नए प्रयोगों और योजनाओं का सिलसिला पुराना है। पटना के जे.डी. वीमेंस कॉलेज में मुख्यमंत्री सम्राट चौधर...
आस्था पर व्यवस्था की बलि — अशोक धाम त्रासदी से कब सबक लेगा प्रशासन? भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की जान गई, भीड़ प्रबंधन पर उ
विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार 17अगस्त 2026 लखीसराय : सावन के पवित्र महीने में जहां मंदिर परिसरों से हर-हर महादेव के जयकारे गूंजने चाहिए थे, वहां 17 अगस्त की सुबह चीख-पुका...
जब नन्हे हाथों ने तिरंगा थमाया: स्वतंत्रता दिवस पर गया से निकला नागरिक संस्कार का संदेश,
लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 15 अगस्त 2026 | गयाजी : भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में तिरंगा शान से लहराया। कहीं राजकीय समारोह हुए, कहीं परेड निकली, क...
'मौत के कुएं' और प्रशासनिक बेपरवाही: गया का गढ़ करमौनी हादसा केवल त्रासदी नहीं, व्यवस्थागत विफलता है!
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : गया जिले के डोभी प्रखंड स्थित गढ़ करमौनी गांव से आई खबर महज चार मौतों का आंकड़ा नहीं है, यह ग्रामीण भारत की उस जमीनी हकीकत का ख...
खाकी का सम्मान: शौर्य, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करती बिहार पुलिस,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार पटना ; स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या केवल राष्ट्रीय पर्व का जश्न मनाने का अवसर नहीं होती, बल्कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति व्यवस्...
मगध में 'वैभव' का जन-पुलिसिंग मॉडल: 90 दिनों का रिपोर्ट कार्ड, भ्रष्टाचार पर सख्त चाबुक और जवाबदेह खाकी,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : मगध की धरती सिर्फ इतिहास, विरासत और ज्ञान की भूमि नहीं है। आज यह बिहार की कानून-व्यवस्था की एक बड़ी प्रयोगशाला भी है। जब प्रशा...
"पत्रकारिता की कलम से कानून की लड़ाई तक"
रत्ना सिंह की यात्रा: जब अदालत की खबर लिखने वाली कलम खुद अधिकारों की कानूनी आवाज बन गई लेखक : विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 14 अगस्त 2026 | दिल्ली से “अन्याय को सिर्...
जनता के द्वार पर न्याय: जब दफ्तर की चौखट बनी संबल की उम्मीद,
जनता के द्वार पर न्याय: जब दफ्तर की चौखट बनी संबल की उम्मीद, विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गयाजी : लोकतंत्र का असली आधार यही है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की...
उजड़ती गृहस्थी, घुटती सांसें और 2 लाख रुपए का मरहम: बिहार के 'प्रवासी श्रम' की कड़वी हकीकत,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार 8 अगस्त 2026, गयाजी : बिहार के गांवों से रोजी-रोटी की तलाश में निकले मजदूरों के पसीने से देश के दूसरे राज्यों की इमारतें, सड़कें और फैक्ट्रि...
JPSC 14वीं परीक्षा: 'मेधा' पर प्रहार और सिस्टम की लीपापोती,
JPSC 14वीं परीक्षा: 'मेधा' पर प्रहार और सिस्टम की लीपापोती, विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार रांची : "जब ओएमआर शीट के पन्नों से निष्पक्षता के साक्ष्य गायब होने लगें और आय...
17 लाख की मशीन, 85 हजार का कमीशन — अररिया में उद्योग विभाग के महाप्रबंधक निगरानी के जाल में, 50 हजार रिश्वत के साथ रंगे
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार अररिया, बिहार | 08 अगस्त 2026, बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अररिया में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अनिल कुमार...
27 साल, जब न्याय का आदेश ही 'फाइलों के जाल' में उलझ जाए – पलामू DC को हाईकोर्ट की फटकार और प्रशासनिक नाफरमानी का बेनकाब
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार पलामू, झारखंड | 08 अगस्त 2026 झारखंड हाईकोर्ट में पलामू जिले के सहायक शिक्षक नंदू राम की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें अ...
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